Internet Cookies kya hota hai ? फ़ायदे और नुकसान

दोस्तों, आप रोजाना इंटरनेट पर कुछ न कुछ सर्च करते हैं। लेकिन जब भी आप किसी वेबसाइट पर पहली बार visit करते हैं, तो आपके सामने एक pop-up आता है और आपसे Cookies को accept करने के लिए पूछता है। ये देखते ही आप कन्फ्यूज हो जाते हैं। आप सोचने लगते हैं कि क्या मुझे इसे accept करना चाहिए या फिर reject.

इंटरनेट कुकीज क्या होते हैं इसके बारे में आपको जानकारी नहीं होती है। इसलिए आप ये decide नहीं कर पाते हैं कि कुकीज को accept करें या नहीं। इसके अलावा लोगों के मन में ये सवाल भी आता है कि क्या कुकीज हानिकारक है या फिर ये हमारे लिए फायदेमंद है। अगर आप कुकीज को लेकर कन्फ्यूज हो गए हैं, तो आप बिलकुल सही जगह आए हैं। हम आपको कुकीज़ से जुड़े सभी सवालों का उत्तर देंगे।

Cookie Kya Hai | Internet Cookies meaning in Hindi

Internet Cookies kya hota hai ? फ़ायदे और नुकसान

Internet Cookie एक छोटी text file होती है जोकि उस वेबसाइट द्वारा आपके ब्राउज़र को भेजी जाती है जिसपर आप पहली बार visit करते हैं। इसके बाद आपका ब्राउजर उस टेक्स्ट फाइल को प्रोसेस करके स्टोर कर लेता है। इस टेक्स्ट फाइल अर्थात् कुकीज में साइट का नाम और यूनिक यूजर आईडी जैसी इनफॉर्मेशन मौजूद होती हैं।

कुकीज की शुरुआत तब होती है जब आप किसी वेबसाइट पर पहली बार जाते हैं। कुकीज वेबसाइट के साथ आपके interaction की जानकारी को स्टोर करती है। कुकीज की मदद से ही वेबसाइट आपके visit की information को याद रखती है।

Internet Cookie कैसे काम करती है

जब भी आप किसी वेबसाइट पर पहली बार visit करते हैं तब आपके ब्राउज़र में कुकी सेव हो जाता है। और जब आप उसी वेबसाइट पर दोबारा से जाते है तब आपका ब्राउजर चेक करता है कि उस वेबसाइट के नाम की कोई कुकी उसके अंदर स्टोर है या नहीं। अगर कुकी स्टोर होती है तो उसमे मौजूद इनफॉर्मेशन को वापस से उसी वेबसाइट को भेजता है। इससे उस वेबसाइट को पता चल जाता है कि आप पहले भी वहां आ चुके हैं।

Example के लिए Amazon वेबसाइट को लेते हैं। जब आप अमेजन वेबसाइट पर जाते है और मान लीजिए आपने मोबाइल के बारे में उसमें सर्च किया। उसमें आपने अपने interest के हिसाब से मोबाइल देखे। लेकिन आपको कोई काम आ गया और आप अमेजन की वेबसाइट को वहीं बंद कर वापस आ गए।

अब जब आप दोबारा से अमेजन की वेबसाइट पर जायेंगे तो आपको आपके interest वाली वही सारी मोबाइल या उससे रिलेटेड प्रोडक्ट होमपेज पर दिखने लगते हैं। ऐसा कुकीज के कारण ही संभव होता है।

Types Of Cookies

दोस्तों कुकीज कई प्रकार की होती हैं। इनमे से सबसे ज्यादा कॉमन कुकीज इस प्रकार हैं।

Session Cookie

ये एक प्रकार की temporary कुकी होती हैं। जब आप वेबपेज पर अपने सेशन को खत्म करते हैं या फिर अपने ब्राउजर को बंद करते हैं, तो ये कुकी expire हो जाती है और ब्राउजर द्वारा इसे तुरंत डिलीट कर दिया जाता है।

आप Session कुकी को वेबसाइट की शार्ट टर्म मेमोरी की तरह समझ सकते हैं। जब भी आप किसी वेबसाइट के अंदर एक पेज से दूसरे पेज पर जाते हैं, तो सेशन कुकी की मदद से ही आपको पहचाना जाता है। अगर सेशन कुकी न हो, तो ऐसा दशा में आप वेबसाइट में जब भी किसी नई इंटरनल लिंक पर क्लिक करेंगे आपको एक नया visitor माना जायेगा।

First Party Cookies

इनमें वह कुकीज शामिल होती है जोकि आपके डिवाइस में डायरेक्ट उस वेबसाइट से स्टोर होती है जिसपर आप visit करते हैं। ये कुकी वेबसाइट को आपकी इन्फॉर्मेशन और सेटिंग को याद रखने में मदद करती हैं जब आप future में उस साइट पर दोबारा जाते हैं।

इन कुकीज के बिना साइट आपके मेनू सेटिंग, language choice और थीम आदि को याद रखने में असमर्थ होगी। First Party Cookies की मदद से आप इन preferences को first visit में बना सकते हैं। और ये तब तक मौजूद रहेंगी जब तक की वह कुकी expire नहीं हो जाती।

अधिकांश ये कुकीज एक या दो सालों में expire होती हैं। यदि आप expiration time frame के अंदर उस वेबसाइट पर नही जाते हैं, तो आपका ब्राउजर उन कुकीज को डिलीट कर देगा।

Third Party Cookies

ये वह कुकीज होती हैं जोकि किसी थर्ड पार्टी जैसे कि विज्ञापनदाता या एनालिटिक सिस्टम से आकर आपके डिवाइस में स्टोर हो जाती हैं।

इन कुकीज का फोकस आपकी ऑनलाइन एक्टिविटी को ट्रैक करना होता है। ये ट्रैकिंग कई तरह की हो सकती है जैसे कि कुकी आपके browsing history, ऑनलाइन behavior आदि के बारे में सीख सकती है।

कुकी की इसी ट्रैकिंग क्षमता के कारण ही ये advertising agency की पसंदीदा है। इसकी मदद से वे अपने sale और pageview को बढ़ाने की कोशिश करते हैं।

हमें कौन सी कुकीज accept करना चाहिए

आप किसी वेबसाइट पर अपने मुताबिक कुकीज को accept या फिर reject कर सकते हैं। लेकिन कुछ वेबसाइट ऐसी भी होती है जोकि कुकीज accept न करने पर आपको वेबसाइट पर विजिट करने से रोक देती हैं।

अगर कोई ऐसी वेबसाइट है जिसपर आप भरोसा करते हैं तो उसकी कुछ कुकीज को accept कर सकते हैं। लेकिन किसी भी वेबसाइट पर कुकीज accept करने से पहले ये जरूर जांच कर लें, कि वह वेबसाइट सिक्योर है या नहीं। Secure वेबसाइट पर आपका डाटा सुरक्षित रहता है।

Cookies

Secure वेबसाइट पहचानने के लिए अपने ब्राउजर में साइट के URL के बगल में पैडलॉक (🔒) का symbol देखें। अगर Symbol मौजूद है तो उस वेबसाइट पर आपका डाटा सिक्योर है।

कौन सी कुकीज accept न करें

  1. अगर वेबसाइट encrypted नहीं है अर्थात् कि ब्राउजर में वेबसाइट के url के बगल पैडलॉक का sign नहीं है। तब आपको ऐसी वेबसाइट की कुकीज को Accept नहीं करना चाहिए।
  2. जब भी आप किसी वेबसाइट पर बैंकिंग से रिलेटेड information डालें, तब ऐसी स्थिति में कुकीज accept नहीं करना चाहिए। आप नहीं चाहेंगे कि आपका sensitive information शेयर हो।
  3. Third Party Cookies में आपका डाटा का misuse हो सकता है। इसलिए आप चाहें तो third Party Cookies को ब्लॉक कर सकते हैं।

Cookies Ke Fayde : Pros

कुकीज का इस्तेमाल करना कई प्रकार से फायदेमंद हो सकता है।

  1. कई बार हमें कुकीज accept करने से कुछ वेबसाइट को यूज करने का एक्सेस मिल जाता है। क्योंकि कुछ वेबसाइट कुकीज रिजेक्ट करने पर आपको साइट का एक्सेस नही देती है।
  2. Cookies आपके लॉगिन credential को सेव करती है। इससे आपको बार बार लॉगिन नहीं करना पड़ता और आपका टाइम भी बचता है।
  3. कुकीज बहुत ही कम स्पेस में डाटा को सेव करता है। कुकीज का अधिकतम साइज 4kb होता है।
  4. कुकीज को यूज करना बहुत ही आसान है। आप बड़ी आसानी से किसी भी वेबसाइट के लिए कुकीज को accept या रिजेक्ट कर सकते हैं।
  5. ये आपकी browsing experience को improve करता है। इससे आपको इंटरनेट पर बहुत ही आसानी होती है।

कुकीज के नुकसान : Cons

यदि आप अपने ब्राउजर में बहुत अधिक कुकीज का इस्तेमाल करते हैं। तो इस दशा में आपका ब्राउजर slow भी हो सकता है।

चूंकि cookies आपके hard drive में स्टोर होती हैं। इसलिए कोई भी घुसपैठिया इसे आसानी से एक्सेस कर सकता है, और उसमे stored data को चुरा सकता है।

अधिकांशतः कुकीज harmful नहीं होते हैं। कुकीज वायरस या malware कैरी नही करती हैं और न ही ये malicious programs को किसी अन्य यूजर को ट्रांसफर करती हैं।

सबसे ज्यादा परेशानी एक विशिष्ट प्रकार की के साथ होती है जिसे “ट्रैकिंग कुकीज” कहते हैं। ये कुकीज आपके फायदे के लिए नहीं होती हैं। इसके बजाय, ये कुछ निश्चित साइट्स पर आपके काम को track करती रहती हैं।

ये कुकीज आपकी browsing history का यूज करके डाटा स्टोर करती हैं। इसके बाद आपको specific ads से टारगेट करती हैं। इस प्रकार ये आपकी प्राइवेसी के लिए खतरा होती है क्योंकि ये आपको हमेशा ट्रैक कर रही होती हैं।

How to block third Party Cookies

इसके लिए अपने क्रोम ब्राउजर को ओपन करें। इसके बाद setting में जाएं। फिर privacy and security पर क्लिक करें। अब आपको Cookies and other site data पर क्लिक करना है। इसके बाद general setting टैब के अंदर Block third party cookies के ऑप्शन को चुनें।

Stored कुकीज कैसे डिलीट करें

दोस्तों, अगर आप अपने ब्राउजर में कुकीज को डिलीट करना चाहते हैं, तो नीचे बताए गए स्टेप्स को फॉलो करें। यहां पर हम chrome browser में कुकीज डिलीट करना बताएंगे।

  • क्रोम ब्राउजर को ओपन करें।
  • दाईं तरफ three vertical dots पर क्लिक करें।
  • setting के ऑप्शन में जाएं।
  • अब privacy and security में जाएं।
  • Cookies and other site data पर क्लिक करें।
  • थोड़ा नीचे जाए और See all Cookies and site data पर क्लिक करें।
  • अब आप जिसे चाहें उस कुकीज को डिलीट कर सकते हैं। इसके अलावा सभी कुकीज को डिलीट करने के लिए Remove all पर क्लिक करें।

Last Words,

तो दोस्तों, आज आपने सीखा कि कुकीज क्या होती है? कुकीज कैसे काम करती है और इसे यूज करने के फायदे और नुकसान क्या हैं। किसी वेबसाइट पर कुकीज को accept या reject करना आप पर निर्भर करता है कि आप उस वेबसाइट पर कितना भरोसा करते हैं। जब भी आपको लगे कि वेबसाइट trust के योग्य नहीं है, तो अपनी प्राइवेसी और सिक्योरिटी के लिए कुकीज को reject करना ही अच्छा होता है।

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